संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत ने एक बार फिर आतंकवाद को लेकर अपना कड़ा रुख जाहिर किया है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान को आतंकवाद और कट्टरता का गढ़ बताया। उन्होंने कहा कि भारत एक परिपक्व लोकतंत्र है जबकि पाकिस्तान बार-बार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से कर्ज लेने की स्थिति में पहुंच जाता है।
राजदूत हरीश ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र किया, जिसमें निर्दोष लोगों की जान गई। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगा और इसका कड़ा जवाब देगा।
हरीश ने पाकिस्तान पर कटाक्ष करते हुए कहा, “जहां भारत लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है, वहीं पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देकर क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए खतरा बना हुआ है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को बार-बार उकसाने की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन भारत संयम और शक्ति दोनों का परिचय देगा।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कार्रवाई करने की मांग की है। इस मौके पर भारत ने पाकिस्तान की दोहरी नीतियों, आतंक के पनाहगाह बनने और आर्थिक दिवालियापन की स्थिति पर खुलकर बात की।