नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को नई दिल्ली विज्ञान भवन में नियुक्ति पत्र वितरण और आयुष्मान भारत पंजीकरण वैन को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर जे.पी. नड्डा ने कहा, पहले की सरकारों ने सभी क्षेत्रों में उदासीनता दिखाई, और स्वास्थ्य क्षेत्र तो पूरी तरह उपेक्षित रहा। इसी कारण दिल्ली के लोगों को भारी तकलीफों का सामना करना पड़ा। राजनीति में फैसले अपने-पराये के आधार पर नहीं होते, बल्कि इस पर होते हैं कि कौन आपके हितों की रक्षा कर सकता है।
जे.पी. नड्डा ने कहा, सितंबर 2017 से, पीएम मोदी 40 लाख गरीब दिल्लीवासियों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देने को तैयार थे, लेकिन आपने लोटा ही उल्टा किया हुआ था। 20 फरवरी को आपने लोटा सीधा किया और आज आपको आयुष्मान भारत मिल गया। 1997 में एक हेल्थ पॉलिसी लाई गई, जो कहती थी, पहले तुम बीमार बनो, फिर मैं तुम्हारा इलाज करुंगी, लेकिन 2014 में जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने, तो उनके नेतृत्व में पूरे देश में consultation किया गया और 2017 में हम एक नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति लेकर आए। जिसके अंतर्गत, हम Prevent करेंगे कि बीमारी ही न हो, फिर अच्छे हेल्थ को हम Promote करेंगे ताकि वो स्वस्थ रहे फिर जरूरत होगी तो Cure करेंगे , और बाद में Rehabilitate भी करेंगे। हमने हेल्थ को अब समावेशी और व्यापक बना दिया है। WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में टीबी के मामलों में करीब 17.5% की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह गिरावट मात्र 8% रही है।
जे.पी. नड्डा ने कहा, 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार बनी और मुझे स्वास्थ्य मंत्री के रूप में काम करने का मौका मिला। सारे देश में हम लोगों ने परामर्श कर 2017 में नई स्वास्थ्य नीति लेकर आए और यह नई स्वास्थ्य नीति थी कि अब हम सिर्फ Cure नहीं करेंगे हम सबसे पहले तो Prevent करेंगे की बीमारी हो ही ना।
प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत हमने 2021 से फरवरी 2025 के बीच दिल्ली को 1700 करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ और अब जन कल्याण के लिए इस फंड के खर्च की जिम्मेदारी (दिल्ली की मुख्यमंत्री) रेखा जी के कंधों पर आ गई है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, बहुत ही खुशी की बात है कि दिल्ली सरकार के इतिहास में वर्षों बाद स्थायी नर्सिंग स्टाफ के नियुक्ति पत्र सरकार के द्वारा बांटे गए हैं। वर्षों से स्टाफ की कमी के कारण दिल्ली के अस्पताल बेतरतीब चल रहे हैं। सरकार ने इन रिक्तियों की भर्ती के लिए अपने अब तक के कार्यकाल के अंदर ही बड़ा प्रयास किया और आज लगभग 1400 नर्सेों को आज नियुक्ति पत्र दिए गए। दिल्ली के अस्पतालों में दवाई, डॉक्टर, स्टाफ, इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर किसी तरह की कमी ना रहे, यही हमारा प्रयास है। दिल की गहराई से पूरे स्वास्थ्य विभाग को, स्वास्थ्य मंत्रालय को और स्वास्थ्य मंत्री को ढेर सारी शुभकामनाएं। सभी लोग मिलकर दिल्ली की जनता की सेवा करें, यही हमारा निवेदन है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आनंद विहार में आयोजित महा रक्तदान शिविर का निरीक्षण किया। रेखा गुप्ता ने कहा, कितनी बार इलाज के दौरान खून ना मिलने के कारण लोगों का जीवन बचाना मुश्किल हो जाता है। हम सभी मिलकर इस ब्लड डोनेशन की मुहीम में जुड़ें। एक-एक यूनिट किसी का जीवन बचाने में उपयुक्त सिद्ध हो। दिल्ली सरकार आने वाले समय में एक ब्लड डोनर्स डायरेक्टरी से जुड़े एप्लिकेशन की शुरुआत करेगी, जिसमें दिल्ली में रक्तदान करने के इच्छुक लोगों का डाटा मौजूद होगा… ताकि किसी भी जरूरतमंद को जरूरत के समय रक्तदानकर्ताओं के नाम और फोन नंबर मिल पाएं और उसे अपने नजदीकी रक्तदान कर्ता तक पहुंचने में मदद मिले।
जे.पी. नड्डा ने कहा, आज का दिन ऐतिहासिक है। आज एक साथ 1200 से ज्यादा नर्सिंग ऑफिसर्स को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। पिछली सरकारों ने सभी क्षेत्रों में उदासीनता दिखाई, स्वास्थ्य क्षेत्र को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया। सितंबर 2017 से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 40 लाख गरीब दिल्लीवासियों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देने को तैयार थे, लेकिन आपने लोटा ही उल्टा किया था। 20 फरवरी को आपने लोटा सीधा किया और आज आपको आयुष्मान भारत मिल गया।