पटना : बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार देर रात बड़े उद्योगपति गोपाल खेमका की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना पटना के गांधी मैदान थाना इलाके में हुई। गोपाल खेमका पटना के जाने-माने व्यवसायी थे और कभी यहां के टॉप अस्पताल रहे मगध हॉस्पिटल के मालिक भी थे। गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की हत्या भी छह वर्ष पूर्व वैशाली के औद्योगिक थाना इलाके में अपराधियों ने गोली मारकर कर दी थी, जिसके बाद काफी बवाल मचा था। गोपाल खेमका वैचारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े भी थे। DGP विनय कुमार ने कहा, बिहार पुलिस ने व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड पर SIT का गठन किया है, SP सिटी सेंट्रल इस SIT का नेतृत्व करेंगे। व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या पर बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने कहा, जांच जारी है और कई आयामों पर जांच की जा रही है। कई टीमें इस पर काम कर रही हैं। पटना पुलिस इस पर काम कर रही है और वैशाली पुलिस भी इस पर काम कर रही है, क्योंकि 2018 में गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की हत्या वहां हुई थी और वैशाली पुलिस जांच कर रही है कि क्या कोई लिंक है। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है, जिसमें एक अपराधी घटना के बाद भागता हुआ दिखाई दे रहा है… जैसे ही हमें सूचना मिली, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की..हम हर तरह तरीके जांच कर जल्द से जल्द अपराधी तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
गोपाल खेमका शुक्रवार रात अपनी कार से रोजाना की तरह पटना क्लब से घर लौट रहे थे। जैसे ही होटल पनाश के पास स्थित अपार्टमेंट के गेट पर उतरे, तभी घात लगाए अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। इस घटना से इलाके में अफरातफरी का माहौल हो गया। यह घटना शुक्रवार देर रात साढ़े 11 बजे के आसपास की है। घटना के बाद परिजनों ने घायल अवस्था में उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने गोपाल खेमका को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। गोपाल खेमका के छोटे भाई संतोष खेमका ने पुलिस पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के डेढ़ घंटे बाद गांधी मैदान थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पटना की सिटी एसपी (मध्य) भी दो घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंचीं। परिजनों ने बताया कि घटनास्थल पर कई खोखे गिरे पड़े थे, जिस पर पुलिसकर्मियों द्वारा ईंट और बांस-बल्ले से घेराबंदी की गई।
हाई प्रोफाइल घटना होने के बाद पटना के उद्योगपतियों और व्यवसायियों की भीड़ धीरे-धीरे जुटती गई। अस्पताल के बाद शव को घर लाया गया, लेकिन देर रात होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इस बीच पुलिस के पहले, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव घटनास्थल पर पहुंच चुके थे। पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए पप्पू यादव ने सवाल किया कि आखिर यह परिवार कब तक बलि देता रहेगा? बीते 20 दिसंबर 2018 को हाजीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में इन्हीं गोपाल खेमका के बेटे की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। थाने से महज 300 मीटर दूर यह पॉश इलाका है और कई आला अधिकारियों का भी घर बेहद पास में है। ऐसे में सरेआम अपराधी आते हैं और एक उद्योगपति को गोली मारकर आराम से चले जाते हैं! यह बिहार में क्या हो रहा है? बिहार की पुलिस क्या कर रही है? और बिहार के अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ कैसे गया है?
मौके पर मौजूद उद्योगपति गोपाल खेमका के परिवार वालों ने गुस्सा जताते हुए कहा कि बिहार पुलिस की कार्यशैली यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि आज हम कितने सुरक्षित हैं। परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस को सूचना देने के बावजूद लगभग डेढ़ से दो घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची। परिवार वालों ने बिहार सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं है, अपराधियों का मनोबल अब इतना बढ़ गया है कि वे घर पर चढ़कर हत्याएं कर रहे हैं।
सिटी एसपी मध्य दीक्षा ने बताया कि 4 जुलाई की रात करीब 11 बजे गांधी मैदान साउथ क्षेत्र में सूचना मिली है कि व्यापारी गोपला खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जानकारी मिलते ही पुलिस अस्पताल और मौके पर पहुंची। घटना स्थल पर घेराबंदी कर जांच की जा रही है। CCTV की जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटनास्थल से एक गोली और एक खोखा बरामद हुआ है। फोरेंसिक टीम पटना के गांधी मैदान इलाके में घटनास्थल पर पहुंची, जहां कल रात व्यवसायी गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
भाजपा नेता गुरु प्रकाश ने व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड पर कहा, सरकार पूरी स्थिति पर बारीकी से निगरानी रख रही है। मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री और हमारे सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पर संज्ञान लिया है… जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी… जहां तक जंगलराज की बात है तो ऐसी घटनाएं सीएम हाउस से पोषित नहीं हो रही हैं। एक समय था जब (बिहार में)राज्य प्रायोजित, राज्य संरक्षित, राज्य प्रमोटेड अपराध होते थे…’जंगलराज’ का अर्थ यह होता है और जंगलराज की संज्ञा हमने नहीं दी बल्कि पटना हाई कोर्ट ने कहा था कि ‘बिहार में कोई कानून और नियम नहीं है’। उस स्थिति और आज की स्थिति में जमीन आसमान का अंतर है, दोनों की तुलना मत कीजिए।
व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड पर भाजपा नेता रामकृपाल यादव ने कहा, “ये शासन के लिए चुनौती है। गोपाल खेमका व्यवसायी के साथ साथ समाजसेवी भी थे। उनके परिवार के लोगों ने कहा कि पुलिस बहुत विलंब से आई। 6 साल पहले इनके बेटी की भी हत्या हो गई थी।
व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड पर जेडीयू नेता नीरज कुमार ने कहा, “जिस ढंग से इनकी हत्या की गई वो हमारे लिए चुनौतीपूर्ण विषय है। पुलिस ने तत्काल SIT का गठन भी किया है, उम्मीद है कि नतीजे भी जल्द आ जाएंगे…मुझे जानकारी दी गई है कि जब गोपाल खेमका को गोली लगी, उनके परिजन उन्हें अस्पातल ले गए। अस्पताल से ही पुलिस को जानकारी दी गई। हम जानकारी ले रहे हैं कि पुलिस का रिस्पांस टाइम क्या है।
राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने व्यवसायी गोपाल खेमका हत्या पर कहा, बिहार की राजधानी पटना में पुलिस मुख्यालय की नांक के नींचे इस तरह एक व्यवसायी की गोली मारकर हत्या हो जाती है। लगातार तेजस्वी यादव क्राइम बुलेटिन जारी कर सरकार को आइना दिखा रहे हैं, सवाल पूछ रहे हैं… नीतीश कुमार अब एक क्षण भी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहने लायक नहीं रहे। बिहार में अराजक स्थिति हो चुकी है… इस सरकार की विदाई से ही बिहार की भलाई होगी… अराधियों का मनोबल तो देखिए कि गांधी मैदान से सटे इतने भीड़-भाड़ वाले इलाके में सीधे गोली मार दी जाती है, यह क्या हाल कर दिया है नीतीश कुमार जी आपने?… इसे राक्षस राज, महाजंगल राज, अपराधी राज नहीं कहा जाएगा तो और क्या कहा जाएगा?
कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या पर कहा, बिहार में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। पटना शहर में आए दिन हर चौराहे पर हत्याएं हो रही हैं, जिसे सरकार गंभीरता से ले भी नहीं रही है। शासन-प्रशासन के लोग कान में तेल डालकर सोए हुए हैं। गोपाल खेमका वहां के जाने-माने प्रतिष्ठित व्यवसायी थे। वे मेरे परिचित भी थे… कुछ साल पहले उनके बेटे की भी हत्या हुई। तब मैं उनके घर गया था लेकिन मैंने जब से उनकी हत्या की खबर सुनी है मैं स्तब्ध हूं… यदि नीतीश कुमार ठीक मन:स्थिति में होते तो वे नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देते…8 करोड़ की जनता को राम भरोसे छोड़ दिया गया है।
सासाराम से कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या पर कहा, जो लोग जंगलराज का वर्णन करते हैं उनसे पूछिए कि देर रात बिहार की राजधानी पटना में जो घटना हुई वह कौन सा राज है? सरकार पूरी तरह से विफल है और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है, यह शर्मसार करने वाली घटना है। मैं गोपाल खेमका के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और बहुत ही दुख व्यक्त करता हूं। प्रतिदिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं। बिहार में अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड पर कहा, यह विषय चिंताजनक है। ना मैं इस प्रश्न से भागने का प्रयास करूंगा और ना ही हमारी सरकार को करना चाहिए… अगर एक शहरी इलाके में, खुलेआम इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे दिया जाता है जहां पर व्यवस्था अगल-बगल है, थाना बगल में है, बड़े-बड़े अधिकारी हैं, यदि इस तरह के इलाके में इस तरह की घटना घटती है तो यह गंभीर विषय है… इस तरह की घटना चिंता को बढ़ाने का काम करती है… क्या स्थानीय प्रशासन द्वारा उस परिवार को सुरक्षा दी गई?… लापरवाही कहां हुई है इस बात की जानकारी लेकर मैं पुन: अपनी बात को सामने रखूंगा।
व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड पर भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, मैंने स्वयं SSP और जिलाधिकारी से बात की है और मैंने उपमुख्यमंत्री से भी बात की है। SIT गठन की घोषणा हो गई है। इस घटना से मैं दुखी हूं मेरा क्षेत्र है और इस क्षेत्र का प्रमुख नागरिक और वे एक अच्छे व्यवसायी थे। मैंने प्रशासन, पुलिस को सख्ती से कहा है। SIT बनी है तो जल्द कार्रवाई होनी चाहिए। आरोपी पकड़े जाए और उनको बिल्कुल छोड़ा नहीं जाए। अगर पुलिस प्रशासन पर अगर कोई लापरवाही है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाए।
व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, मुख्यमंत्री स्वयं संज्ञान ले रहे हैं और इस मामले में कार्रवाई होगी। जिन लोगों ने घटना के बाद त्वरित कार्रवाई नहीं की है, सरकार उनका भी संज्ञान लेगी।
व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, पुलिस मामले की जांच कर रही है। बिहार सरकार ने SIT का गठन किया है। जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी और सरकार हर एंगल से जांच कर रही है। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।