लखनऊ : समाज कल्याण विभाग ने जीरो पॉवर्टी अभियान का पूरा रोड मैप तैयार कर लिया है। इसमें चिन्हित किए गए गरीब परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार की सभी सरकारी योजनाओं का लाभ अक्टूबर महीने तक दिलाया जाएगा। समाज कल्याण विभाग हर उस व्यक्ति की मदद करता है, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर हैं। चाहे वह वृद्धा और विधवा पेंशन का दायरा बढ़ाना हो, या गरीब छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ पहुंचाना हो या फिर गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को केंद्र-राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाना ही क्यों न हो।
उत्तर प्रदेश सरकार का समाज कल्याण विभाग बीते 1 वर्ष में अपनी विभिन्न योजनाओं का लाभ का दायरा लगातार बढ़ाता जा रहा है। समाज कल्याण विभाग गरीबी रेखा से नीचे रह रहे सभी परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार की करीब दर्जन भर योजनाओं का लाभ, पात्रता के आधार पर मिशन के तहत दिलाने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में है।
अक्टूबर तक का लक्ष्य
समाज कल्याण विभाग के निदेशक कुमार प्रशांत ने बताया कि जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत प्रदेश के करीब 15 लाख परिवारों को चिन्हित किया गया था। सर्वे के बाद इनकी संख्या 13 लाख हो गई है। इन सभी परिवारों को केंद्र व राज्य सरकार की गरीब दर्जन भर योजना का लाभ पात्रता के आधार पर मिशन के तहत दिलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसमें से 90% से अधिक परिवारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ अब तक दिया जा चुका है। शासन के निर्देश पर इस साल अक्टूबर तक यह अभियान पूरा कर लिया जाएगा। चिन्हित परिवारों के जीवन स्तर को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया जाएगा।
1.25 लाख रुपए सालाना आय का लक्ष्य
यूपी सरकार ने बीते साल अक्टूबर में प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उनकी वार्षिक आय को सालाना न्यूनतम ₹1.25 लाख तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। निदेशक ने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश के सबसे गरीब परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ना, जैसे कि प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, श्रमिक कार्ड, आयुष्मान भारत योजना और विभिन्न पेंशन योजनाओ का लाभ दिलवाना है।
इसके लिए हर ग्राम पंचायत से 10 से 25 गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे परिवारों की पहचान की गई है। उन्हें कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। वृद्धा और विधवा पेंशन योजना का लाभ ले रहे लाभार्थियों की संख्या में भी इस साल इजाफा किया गया है, जहां बीते साल यह संख्या 61 लाख थी, इसे इस साल बढ़ाकर 66 लाख किया गया है।
समाज कल्याण निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि योजना के तहत जो लाभार्थी शेष बच गए हैं, उन सभी को अगले 3 महीने में जिस योजना का लाभ उन्हें आक्षादित है, उसे पहुंचाने की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। इस योजना का लगभग 90% से अधिक का काम पूरा हो चुका है। बचे हुए महीनों में 10% परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाकर उन्हें भी गरीबी रेखा से बाहर लाया जाएगा।