विन न्यूज़ नेटवर्क। मायानगरी मुंबई में एक धमकी भरे ईमेल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के आवास ‘जलसा’ को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई है।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस ईमेल में केवल अभिनेता का बंगला ही नहीं, बल्कि बॉम्बे हाईकोर्ट, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और वर्ली रेसकोर्स जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है।
धमकी भरे ईमेल के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
जानकारी के मुताबिक, बॉम्बे हाईकोर्ट को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें मुंबई के कई प्रमुख स्थानों पर बम विस्फोट करने की चेतावनी दी गई। ईमेल में अमिताभ बच्चन के जुहू स्थित आवास जलसा का भी उल्लेख किया गया है। मामला सामने आते ही मुंबई पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं।
ईमेल की सत्यता, उसमें दी गई जानकारी और इसे भेजने वाले व्यक्ति की पहचान का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित स्थानों पर सतर्कता बढ़ाई गई है।
पहले भी बॉलीवुड सितारों को मिल चुकी हैं धमकियां
यह पहला मौका नहीं है, जब बॉलीवुड से जुड़ी हस्तियों को इस तरह की धमकियों का सामना करना पड़ा हो। हाल ही में अभिनेता आयुष्मान खुराना और तुषार कपूर को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।
आयुष्मान खुराना को धमकी देने के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु से एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपी के आईटी इंजीनियर होने की जानकारी सामने आई थी। वहीं, तुषार कपूर से जुड़े मामले में भी पुलिस ने जांच की थी।
बॉम्बे हाईकोर्ट को पहले भी मिल चुके हैं धमकी भरे ईमेल
बॉम्बे हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। सितंबर 2025 में भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद अदालत परिसर की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। उस दौरान परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया था, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई थी। इससे पहले भी धमकी मिलने पर कोर्ट परिसर खाली कराया गया था और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच की थी।
जांच में जुटी पुलिस, धमकी के पीछे कौन?
लगातार मिल रही ऐसी धमकियों ने मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर तब, जब इस बार निशाने पर मनोरंजन जगत की बड़ी हस्ती के आवास के साथ-साथ न्यायिक और आर्थिक संस्थान भी बताए गए हैं।
फिलहाल पुलिस ईमेल के स्रोत का पता लगाने और धमकी की गंभीरता की पड़ताल में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह किसी की शरारत थी या इसके पीछे कोई गंभीर साजिश है।