विन न्यूज़ नेटवर्क। राजस्थान के झुंझुनूं जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने आठ परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में सड़क निर्माण कार्य के दौरान हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से आठ मजदूरों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसा सुबह करीब 10 बजे उस समय हुआ, जब मजदूर रोड़ी-बजरी मिलाने वाली मशीन को दूसरी जगह ले जा रहे थे। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया।
मशीन के हाइड्रोलिक जैक से छू गया हाईटेंशन तार
उदयपुरवाटी थाना प्रभारी रामपाल के मुताबिक, हादसा छापोली-कदंब कुंड मार्ग पर सीकर-नीमकाथाना स्टेट हाईवे से करीब 150 मीटर की दूरी पर हुआ। मजदूर सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली रोड़ी-बजरी मिक्सर मशीन को धक्का देकर दूसरी जगह पहुंचा रहे थे। इसी दौरान मशीन का हाइड्रोलिक जैक ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। देखते ही देखते मशीन में करंट फैल गया और उसके आसपास मौजूद मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
इस हादसे में जान गंवाने वाले आठ लोगों में चार मजदूर हालेड़ा मंडावरा और चार छापोली गांव के निवासी थे। हालेड़ा मंडावरा के हरिराम गुर्जर (30), मंगलचंद गुर्जर (22), कालूराम गुर्जर (29) और पवन गुर्जर (23) की मौत हो गई। बताया गया है कि ये चारों एक ही परिवार के सदस्य थे। वहीं, छापोली निवासी ठेकेदार विष्णु सैनी (38), सुरेंद्र उर्फ सुरेश सैनी (30), मुकेश सैनी (27) और फतेहचंद सैनी (32) ने भी हादसे में दम तोड़ दिया।
पांच लोग झुलसे, अस्पताल में चल रहा इलाज
हादसे में महेंद्र सैनी, गीता देवी, संतरा देवी, गिदाराम सैनी और मंजू देवी झुलस गए। सभी घायलों को उदयपुरवाटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घायल गिदाराम सैनी ने बताया कि मजदूर मशीन को धक्का देकर दूसरी जगह ले जा रहे थे। इसी दौरान मशीन बिजली के तार के संपर्क में आ गई और करंट फैल गया। उनके मुताबिक, घटनास्थल पर करीब 12 से 13 लोग मौजूद थे।
बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप, ग्रामीणों का प्रदर्शन
हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि बिजली की लाइन और खंभे पेड़ों के संपर्क में हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली आपूर्ति बंद कराने के लिए ग्रिड सबस्टेशन (जीएसएस) पर फोन किया गया, लेकिन वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए धरना शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस के साथ आरएसी के जवान भी तैनात किए गए।
मंत्री पहुंचे मौके पर, मुआवजे और नौकरी की मांग
हादसे की सूचना मिलने पर यूडीएच मंत्री झाबरसिंह खर्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी फोन पर हालात से अवगत कराया। पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। वहीं, ग्रामीणों ने प्रत्येक मृतक के आश्रित को संविदा पर नौकरी और दो-दो करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग रखी।
प्रधानमंत्री ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री की ओर से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है। फिलहाल हादसे के कारणों और बिजली विभाग की भूमिका को लेकर जांच की मांग उठ रही है। आठ लोगों की मौत के बाद पूरे छापोली क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।