विन न्यूज़ नेटवर्क। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक पटवारी की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। इसके कुछ घंटे बाद रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़ी एक कार से उनके दोनों नाबालिग बेटों के शव बरामद हुए। दोनों बच्चे छठी और नौवीं कक्षा में पढ़ते थे।
शुरुआती जांच में बच्चों की गर्दन पर निशान मिलने की बात सामने आई है, जिससे उनकी मौत के पीछे गला घोंटे जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
पिपरिया रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आए पटवारी
पुलिस के मुताबिक, रायसेन जिले के उदयपुरा में पदस्थ पटवारी अजय धाकड़ रविवार दोपहर करीब ढाई बजे पिपरिया रेलवे स्टेशन के पास संघमित्रा एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। इस घटना में उनकी मौत हो गई। रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव बरामद किया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।
शुरुआती तौर पर घटना को ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या किए जाने के मामले के रूप में देखा गया। हालांकि, कुछ घंटे बाद उनके दोनों बेटों के शव मिलने से घटनाक्रम ने गंभीर मोड़ ले लिया। अब पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।
पार्किंग में खड़ी कार से मिले दोनों बेटों के शव
पटवारी की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार के सदस्य उनके दोनों बेटों की तलाश में जुट गए। इसी दौरान शाम करीब छह बजे पिपरिया रेलवे स्टेशन के पार्किंग क्षेत्र में खड़ी एक बंद कार के भीतर दोनों बच्चों के शव मिले। पुलिस के अनुसार, शव कार में सीटों के बीच चादर से ढके हुए थे।
बच्चों की पहचान शिवम और समर्थ के रूप में हुई है। दोनों की उम्र और मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस साक्ष्य जुटा रही है। शुरुआती जांच में उनकी गर्दन पर निशान पाए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे गला घोंटे जाने की आशंका जताई गई है, लेकिन मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिल्म दिखाने के बहाने पिपरिया लाए गए थे बच्चे
परिवार के सदस्य प्रताप सिंह धाकड़ के मुताबिक, अजय धाकड़ मूल रूप से रायसेन जिले के बरेली क्षेत्र के अलीगंज गांव के निवासी थे। वह अपने दोनों बेटों को फिल्म दिखाने के बहाने पिपरिया लेकर आए थे। परिवार को जब उनकी मौत की सूचना मिली, तो बच्चों के बारे में जानकारी जुटाई जाने लगी।
कुछ देर बाद रेलवे स्टेशन की पार्किंग में कार के भीतर दोनों बच्चों के शव मिलने की खबर सामने आई। इस घटनाक्रम से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। फिलहाल बच्चों को पिपरिया लाने और उसके बाद हुई घटनाओं की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
पिता और बेटों की मौत के बीच क्या है संबंध?
इस मामले में पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या दोनों की मौत का पटवारी अजय धाकड़ की मौत से कोई सीधा संबंध है? आखिर इस पूरे घटनाक्रम के पीछे क्या वजह रही?
पिपरिया के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आशीष कुमार पवार के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
फिलहाल, पिता और दोनों बेटों की मौत के कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। एक ही दिन में तीन लोगों की मौत से जुड़ी इस घटना ने नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।