विन न्यूज़ नेटवर्क। पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत को लेकर सरकार की ओर से बड़ी चेतावनी सामने आई है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा है कि अगर देश में ईंधन की सप्लाई में कमी आती है तो पेट्रोल की कीमत 1000 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर तक पहुंच सकती है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
अभी 389 रुपए लीटर बिक रहा पेट्रोल
पाकिस्तान में 19 से 21 सितंबर तक पेट्रोल की कीमत 389.14 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर तय है, जबकि हाई-स्पीड डीजल 424.04 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। सरकार ने हाल ही में पेट्रोल की कीमत में मामूली कटौती की थी। इसके बावजूद मौजूदा रेट आम लोगों के लिए काफी ऊंचा बना हुआ है।
मंत्री बोले- सप्लाई में दिक्कत हुई तो बढ़ेगी कीमत
पेट्रोलियम मंत्री के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर पाकिस्तान पर भी पड़ा है। उन्होंने कहा कि अभी देश में ईंधन की तत्काल कमी नहीं है, लेकिन अगर सप्लाई चेन प्रभावित होती है और पेट्रोल की उपलब्धता घटती है तो कीमतों में बड़ा इजाफा हो सकता है। उन्होंने मौजूदा बढ़ोतरी को करीब 50 फीसदी बताया है।
बाइक और छोटे वाहनों को सब्सिडी से राहत
बढ़ते ईंधन खर्च के बीच पाकिस्तान सरकार ने बाइक, रिक्शा और 800 सीसी तक की कारों के लिए पेट्रोल सब्सिडी योजना शुरू की है। सरकार की ओर से पात्र लोगों को राहत देने के लिए प्रति लीटर 100 रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। सरकार के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों ने इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।
घरेलू तेल उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
पाकिस्तान सरकार देश के भीतर तेल और गैस का उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। पेट्रोलियम मंत्री ने बताया है कि कुछ तेल कुओं पर काम चल रहा है और अक्टूबर तक घरेलू कच्चे तेल की खोज की उम्मीद है। इसके अलावा तेल और गैस की तलाश के लिए नए ब्लॉक कंपनियों को दिए गए हैं। अगर यहां व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन शुरू होता है तो आयात पर निर्भरता कुछ कम हो सकती है।
बांग्लादेश में भी महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल
इधर, बांग्लादेश में भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। 21 सितंबर से डीजल 115 से बढ़कर 135 टका, पेट्रोल 140 से 160 टका, ऑक्टेन 145 से 165 टका और केरोसिन 135 से 155 टका प्रति लीटर हो गया है। यानी अलग-अलग ईंधनों के दाम में करीब 14 से 17.4 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।
तेल महंगा होने का असर आम लोगों पर
बांग्लादेश सरकार ने बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों और परिवहन लागत को इस फैसले की वजह बताया है। ईंधन महंगा होने से परिवहन, उत्पादन और सामान ढुलाई की लागत बढ़ने की आशंका है। दोनों पड़ोसी देशों में बढ़ती ईंधन कीमतें ऐसे समय में दबाव बढ़ा रही हैं, जब पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है।