‘शोर मत करो’ कहना पड़ा भारी! 7-8 युवकों ने मणिपुर के रिटायर्ड टीचर को दौड़ाकर पीटा, CCTV में कैद वारदात

Vin News Network
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मणिपुर के रिटायर्ड म्यूजिक टीचर की हत्या

विन न्यूज़ नेटवर्क। राजधानी दिल्ली में मणिपुर के रहने वाले 55 वर्षीय रिटायर्ड म्यूजिक टीचर चोंगथाम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है। आश्रम इलाके की सनलाइट कॉलोनी में हुई इस वारदात ने लोगों को झकझोर दिया है। घटना से जुड़े CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

फुटेज में कुछ युवक विक्रम सिंह का पीछा करते और उनके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

कूड़ा फेंकने नीचे आए थे विक्रम सिंह

जानकारी के मुताबिक, रविवार 6 सितंबर की देर रात करीब 11:30 बजे विक्रम सिंह अपने घर से नीचे कूड़ा फेंकने के लिए आए थे। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर 7-8 युवकों को शोर करते हुए देखा। बताया जा रहा है कि इनमें कुछ आसपास की खाने-पीने की दुकानों पर काम करते थे, जबकि कुछ फूड डिलीवरी एजेंट थे।

विक्रम सिंह ने युवकों को शोर करने से मना किया। इसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने के बाद युवकों ने विक्रम सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी।

तीसरी मंजिल तक दौड़ाया, फिर की बेरहमी से पिटाई

पुलिस के मुताबिक, विवाद के बाद आरोपी युवकों ने विक्रम सिंह का पीछा किया और उन्हें उनकी बिल्डिंग की तीसरी मंजिल तक दौड़ाया। CCTV फुटेज में रात करीब 12:06 बजे विक्रम सिंह को भागते हुए देखा गया।

आरोप है कि युवकों ने सीढ़ियों पर भी उनके साथ मारपीट की। इस दौरान विक्रम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर सुनकर उनका बेटा घर से बाहर आया, लेकिन तब तक आरोपी मौके से फरार हो चुके थे।

CCTV ने खोली वारदात की परतें

घटना के सामने आए CCTV फुटेज पुलिस की जांच में अहम कड़ी माने जा रहे हैं। फुटेज में मारपीट के बाद आरोपियों को सीढ़ियों से नीचे उतरकर भागते हुए देखा गया। इसके करीब 10 मिनट बाद विक्रम सिंह के परिवार के सदस्य उन्हें अस्पताल ले जाते हुए नजर आए।

परिवार उन्हें रात करीब 12:16 बजे ओखला के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचा। गंभीर हालत में उनका इलाज शुरू किया गया, लेकिन अगली सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।

घर में मौजूद थे पत्नी और बेटा

वारदात के दौरान विक्रम सिंह की पत्नी और बेटा घर के अंदर मौजूद थे। परिवार के मुताबिक, जब तक वे स्थिति को समझकर बाहर आए, तब तक आरोपी युवक वहां से फरार हो चुके थे।

एक शांत इलाके में घर के दरवाजे और सीढ़ियों पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

पड़ोसी ने सुनाई रात की आंखों-देखी

विक्रम सिंह की पड़ोसी सांगम नेरोदा देवी ने घटना की रात का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि रात में उनके घर के आसपास काफी शोर सुनाई दे रहा था। कई लोगों के चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं।

उन्होंने बताया कि वह स्थिति देखने के लिए दरवाजा खोलना चाहती थीं, लेकिन उन्हें सुरक्षित महसूस नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने अपने कमरे की बालकनी से नीचे देखा। वहां दो लोग खड़े होकर किसी को चिल्लाते हुए नीचे आने के लिए कह रहे थे। हालांकि, अंधेरे और दूरी की वजह से वह युवकों को ठीक से पहचान नहीं सकीं।

पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस अब CCTV फुटेज और घटनास्थल से मिले अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। शुरुआती जानकारी में विवाद की वजह शोर करने से मना करना बताई जा रही है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

दिल्ली में मणिपुर के रहने वाले एक रिटायर्ड शिक्षक की इस तरह हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आखिर मामूली कहासुनी इतनी बड़ी हिंसा में कैसे बदल गई? क्या आरोपियों ने जानबूझकर विक्रम सिंह का पीछा किया? और क्या CCTV फुटेज के आधार पर सभी आरोपियों तक पुलिस जल्द पहुंच पाएगी? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

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