भारत में देसी और विदेशी फास्ट फूड की बहस के बीच एक नया दावा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। उद्योगपति हर्ष गोयनका द्वारा साझा की गई एक पोस्ट में दावा किया गया है कि भारतीय स्नैक ब्रांड हल्दीराम ने मुनाफे के मामले में मैकडॉनल्ड्स इंडिया को पीछे छोड़ दिया है। इस पोस्ट के बाद “समोसा बनाम बर्गर” की चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हल्दीराम के मुनाफे को लेकर क्या दावा किया गया?
वायरल पोस्ट के अनुसार, भारत में हल्दीराम के 400 से अधिक स्टोर संचालित हैं। दावा किया गया है कि कंपनी का वार्षिक राजस्व लगभग 8,000 करोड़ रुपये है, जबकि मुनाफा 800 करोड़ रुपये के आसपास है। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि हल्दीराम का प्रत्येक स्टोर औसतन 20 करोड़ रुपये का कारोबार करता है।
मैकडॉनल्ड्स इंडिया के बारे में क्या कहा गया?
उसी पोस्ट में मैकडॉनल्ड्स इंडिया के लगभग 550 स्टोर होने का दावा किया गया है। इसके अनुसार कंपनी का राजस्व करीब 4,500 करोड़ रुपये और मुनाफा 180 करोड़ रुपये बताया गया है। वहीं, प्रति स्टोर औसत कारोबार लगभग 8.2 करोड़ रुपये होने का उल्लेख किया गया है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी ‘समोसा बनाम बर्गर‘ की बहस
इन आंकड़ों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर देसी समोसे और विदेशी बर्गर की तुलना को लेकर बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स इसे भारतीय स्वाद और स्थानीय ब्रांडों की लोकप्रियता का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने इन आंकड़ों की प्रमाणिकता पर सवाल भी उठाए हैं।
दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं
गौरतलब है कि वायरल पोस्ट में साझा किए गए वित्तीय आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। न ही हल्दीराम और न ही मैकडॉनल्ड्स इंडिया की ओर से इस तुलना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। इसलिए इन दावों को सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।