1 अप्रैल से महंगा हो सकता है हवाई सफर ईरान-इजरायल जंग ने बढ़ाई Airline की मुश्किलें

Vin News Network
Vin News Network
4 Min Read
1 अप्रैल से महंगा हवाई सफर

मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल संघर्ष और अमेरिका की संलिप्तता ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है। इसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है, जहां 1 अप्रैल से हवाई यात्रा महंगी होने के संकेत मिल रहे हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने पुष्टि की है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें बढ़ सकती हैं, जो एयरलाइंस को टिकट किराया बढ़ाने पर मजबूर कर देगी। हर महीने की पहली तारीख को ATF कीमतों की समीक्षा होती है, इसलिए 1 अप्रैल से यह बदलाव लागू हो सकता है। मंत्रालय एयरलाइंस के साथ बातचीत कर रहा है ताकि यात्रियों पर न्यूनतम बोझ पड़े।

ईरान-इजरायल युद्ध का जंग का वैश्विक असर
ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। हालिया हमलों से कच्चे तेल की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं, जो पिछले महीने से 15% अधिक है। खाड़ी क्षेत्र में उड़ान मार्ग सीमित हो गए हैं, जिससे एयरलाइंस को लंबे रूट लेने पड़ रहे हैं। इससे न केवल फ्यूल खपत बढ़ी है, बल्कि बीमा प्रीमियम में भी 20-30% की उछाल आ गया है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह चुनौती बड़ी है, क्योंकि 60% से अधिक ATF आयात पर निर्भर है। वैश्विक क्रूड सप्लाई चेन में रुकावटें आने से ईंधन कीमतें आसमान छू रही हैं।

एयरलाइंस पर बढ़ा आर्थिक दबाव
एयरलाइंस कंपनियां पहले से ही घाटे में हैं। इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा जैसी कंपनियों के लिए फ्यूल खर्च कुल लागत का 40-50% है। मिडिल ईस्ट संकट से परिचालन लागत (OPC) में 10-15% की बढ़ोतरी हो चुकी है। सरकार ने कहा है कि सुरक्षित उड़ानें सुनिश्चित करना प्राथमिकता है, लेकिन बढ़ती लागत की भरपाई जरूरी है। मंत्री नायडू ने स्पष्ट किया कि यात्रियों पर तत्काल बोझ न पड़े, इसके लिए सब्सिडी या हेजिंग विकल्प तलाशे जा रहे हैं। फिर भी, विशेषज्ञों का मानना है कि किराया 10-20% तक बढ़ सकता है, खासकर मेट्रो रूट्स पर।

फ्यूल सरचार्ज से यात्रियों पर बोझ
कई एयरलाइंस ने पहले ही फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। इंडिगो ने दूरी के आधार पर 425 रुपये (शॉर्ट हॉल) से 2300 रुपये (लॉन्ग हॉल) तक का सरचार्ज लगाया है। अकासा एयर ने उड़ान अवधि पर आधारित 199 से 1300 रुपये का अतिरिक्त शुल्क जोड़ा है। एयर इंडिया ने भी समान कदम उठाया है। DGCA के नियमों के तहत बेस किराया नियंत्रित है, लेकिन सरचार्ज लचीला है। पिछले साल ATF 20% महंगा होने पर किराया 8-12% बढ़ा था। इस बार युद्ध प्रभाव से और अधिक उछाल संभव है।

सरकार के उपाय और भविष्य की चिंताएं
मंत्रालय ने एयरलाइंस से कहा है कि किराया वृद्धि धीरे-धीरे करें। UDAN योजना के तहत क्षेत्रीय उड़ानों पर सब्सिडी बढ़ाने पर विचार हो रहा है। हालांकि, लंबे समय तक युद्ध चले तो ATF 1 लाख करोड़ रुपये सालाना महंगा हो सकता है। यात्रियों को सलाह है कि जल्दी बुकिंग करें। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह संकट भारतीय विमानन को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दे सकता है, जैसे बायो-फ्यूल पर जोर। कुल मिलाकर, 1 अप्रैल से हवाई सफर महंगा होगा, लेकिन सरकार न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है। ईरान-इजरायल जंग का असर महीनों तक रहेगा।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *