इस्लामाबाद: पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत की गंभीर स्थिति को देखते हुए उनकी आंखों की जांच के लिए मेडिकल टीम बनाने का आदेश दिया है। कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इमरान की दाहिनी आंख में सिर्फ 15 फीसदी रोशनी बची है और लगभग 85 फीसदी दृष्टि क्षतिग्रस्त हो चुकी है। चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी की अगुवाई वाली बेंच ने अडियाला जेल में बंद इमरान की सेहत से जुड़े मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि इमरान की आंखों की जांच 16 फरवरी से पहले कराई जाए। इसके साथ ही उन्हें अपने बच्चों से टेलीफोन पर बात करने की अनुमति भी दी गई।
बता दें वकील सलमान सफदर जिन्हें एमिकस क्यूरी बनाया गया था उन्होंने इमरान से जेल में मुलाकात के बाद सात पेज की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की। रिपोर्ट में बताया गया कि हालिया इलाज के बावजूद इमरान की दाहिनी आंख की रोशनी लगभग पूरी तरह खत्म हो गई है। सरकार के रवैये पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार जाहिद गिशकोरी ने कहा कि रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि जेल अधिकारियों की लापरवाही और खराब रहने की स्थिति इमरान की सेहत के लिए खतरनाक है। इमरान को समय पर उचित इलाज और अस्पताल में देखने की जरूरत है, ताकि उनकी आंखों की रोशनी बचाई जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इमरान खान की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सरकार और संबंधित अधिकारियों का दखल जरूरी है और किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।